पंजाब में सिंगर सिद्धू मुसेवाला, राजस्थान में गैंगस्टर राजू ठेहट, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी। मुंबई में NCP (अजित पवार गुट) नेता बाबा सिद्दीकी का मर्डर।
लॉरेंस बिश्नोई और उसकी गैंग के इशारे पर हुए ये कुछ चर्चित हत्याकांड हैं। इन वारदातों में इस्तेमाल हुए हाईटेक हथियार और इनकी सप्लाई, हत्या की साजिश का कनेक्शन राजस्थान से ही सामने आया है।
हाल ही में हुए बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में पकड़े गए शूटरों ने यह चौंकाने वाला खुलासा किया है। सिद्दीकी के मर्डर के लिए हथियारों की सप्लाई राजस्थान के उदयपुर से हुई थी। जांच एजेंसियों ने हथियार बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान से भारत आने की आशंका जताई है।
क्या गैंग को सप्लाई होने वाले हाईटेक और मॉडर्न विदेशी हथियार का आर्म्स डिपो राजस्थान में है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर ने NIA इन्वेस्टिगेशन और दिल्ली, मुंबई और राजस्थान पुलिस की कार्रवाइयों व जांच में हुए खुलासों की पड़ताल की?
सलमान के घर के बाहर फायरिंग हो या बाबा सिद्दीकी मर्डर, हर बार आया राजस्थान कनेक्शन साल 2022 में मुसेवाला मर्डर से लेकर लॉरेंस गैंग की हर बड़ी वारदात में राजस्थान का कोई न कोई कनेक्शन आया ही है। अभी लॉरेंस गैंग मुंबई में बाबा सिद्दीकी मर्डर केस को लेकर चर्चा में है। मुंबई पुलिस के इन्वेस्टिगेशन में सामने आया है कि बाबा सिद्दीकी मर्डर में काम में लिए गए हथियार राजस्थान के उदयपुर से भेजे गए थे।
इन हथियारों को कहां रखा गया था, किसने सप्लाई किया, इसका खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। मुंबई पुलिस के हत्थे चढ़े एक आरोपी भगवंत सिंह ने खुलासा किया है कि उसने उदयपुर से एक और साथी के साथ यह हथियार मुंबई पहुंचाए थे। हत्याकांड में तीन नहीं, बल्कि चार बंदूकों का इस्तेमाल किया गया था।
सूत्रों की मानें तो मुंबई पुलिस को शक है कि हाईटेक हथियारों की सप्लाई पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हुई है। मुंबई पुलिस का यह सवाल इसलिए भी है क्योंकि हमलावरों की पिस्तौल से चली गोली बुलेट प्रूफ कार के शीशे को भी चीरती हुई निकल गई। ऐसे हाईटेक हथियार कहां से आए?
नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) से लेकर राजस्थान पुलिस की जांच में भी इसका खुलासा हो चुका है कि लॉरेंस ने राजस्थान में अपनी गैंग का ऐसा नेटवर्क तैयार कर रखा है जो वारदातों में हथियार सप्लाई करती है। ये हथियार बॉर्डर पार से मंगवाए जाते हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद इन्हें फिर से उस गैंग के जरिए छिपा दिया जाता है। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से राजस्थान लॉरेंस और उसकी गैंग के लिए आर्म्स डिपो बना हुआ है।

