मीडिया सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए नामांकन वापस लेने का सोमवार को आखिरी दिन था। चुनाव आयोग के पोर्टल के अनुसार आखिरी दिन 3,224 नामांकन पत्र वापस लिए गए। इस तरह 4,426 नामांकन शेष रह गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार 7,995 उम्मीदवारों ने 10,900 नामांकन दाखिल किए थे। जांच के दौरान 6,012 फॉर्म स्वीकार किए गए, जबकि 1,649 कानूनी और तकनीकी कारणों से खारिज कर दिए गए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र चुनाव के लिए 3,259 उम्मीदवारों के 4,426 नामांकन पत्र दाखिल हैं।
बता दें कि, 288 सीटों के लिए विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को होने हैं। वोटों की गिनती 23 नवंबर को होगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 29 अक्टूबर थी, जबकि इन आवेदन पत्रों की जांच की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर थी। आवेदन वापस लेने की तारीख 4 नवंबर थी। इस बीच, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को बड़ा झटका देते हुए कोल्हापुर उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार मधुरिमा राजे मालोजीराजे भोसले ने सोमवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। यह अप्रत्याशित कदम कांग्रेस पार्टी द्वारा राजेश लटकट को नामित करने के शुरुआती फैसले के बाद आया है, लेकिन अंतिम समय में उनकी जगह कोल्हापुर के कांग्रेस सांसद शाहू महाराज की बहू मधुरिमा को उम्मीदवार बना दिया गया। अब निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे राजेश लटकट ने दौड़ से हटने से इनकार कर दिया, अब मुख्य मुकाबला कांग्रेस के बागी लटकट और महायुति गठबंधन का प्रतिनिधित्व करने वाले शिवसेना के राजेश क्षीरसागर के बीच होने की उम्मीद है। इस घटनाक्रम का महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में महत्वपूर्ण प्रभाव है। ल्हापुर उत्तर निर्वाचन क्षेत्र एक महत्वपूर्ण सीट है; शिवसेना के राजेश विनायकराव क्षीरसागर ने 2014 में जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार चंद्रकांत पंडित जाधव ने 2019 में जीत का दावा किया। जाधव की मृत्यु के बाद, उनकी पत्नी जयश्री जाधव ने उपचुनाव जीता, लेकिन बाद में कांग्रेस से टिकट न मिलने के बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गईं। मधुरिमा के नाम वापस लेने से मुकाबला खुला हो गया है, जिससे लटकट और क्षीरसागर के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। एनसीपी नेता नाना काटे ने भी सोमवार को चिंचवाड़ विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। चुनाव की अधिसूचना 22 अक्टूबर को जारी की गई थी। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं और 15 अक्टूबर को राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई।
मीडिया की माने तो, महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव प्रचार अभियान जोरों पर है। सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) दोनों ही चुनावों में जीत सुनिश्चित करने के लिए मतदाताओं को लुभान में कोई कमर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। महायुति बीजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) का गठबंधन है।

