भोपाल। चुनाव आयोग पर कांग्रेस नेता जीतू पटवारी द्वारा की गई टिप्पणी के बाद प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने पटवारी के बयान को “पराजय की मानसिकता” करार देते हुए कहा कि “चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रश्न तभी उठाए जाते हैं जब कांग्रेस हारती है।”
मंत्री सारंग ने कहा, “चुनाव आयोग एक निष्पक्ष और संवैधानिक संस्था है, जो हर बार पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से देश में चुनाव संपन्न कराती रही है। कांग्रेस हार स्वीकार करने की बजाय संस्थाओं को बदनाम कर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रही है।” उन्होंने कांग्रेस को नसीहत दी कि, “जनता के बीच जाकर अपनी स्वीकृति दर्ज कराएं, फिर राजनीतिक गतिविधियों की बात करें।”
कांग्रेस के विधायकों की ट्रेनिंग पर भी निशाना
कांग्रेस विधायकों के लिए आयोजित प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी मंत्री सारंग ने कटाक्ष किया।
उन्होंने कहा, “नकल के लिए भी अकल की जरूरत होती है। वहां प्रशिक्षण देने वाला ही अप्रशिक्षित है।”उन्होंने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को भी निशाने पर लेते हुए कहा, “राहुल गांधी और खड़गे जी का प्रशिक्षण सबने देखा है, पहले खुद को प्रशिक्षित करें, फिर दूसरों को सिखाएं।” कांग्रेस पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “कांग्रेस और उसके नेता घोर अनुशासनहीनता के साथ काम करते हैं, ऐसे लोगों से प्रशिक्षण और अनुशासन की अपेक्षा करना समय की बर्बादी है।” “झूठी अफवाहों का सहारा लेती है कांग्रेस” मंत्री सारंग ने कांग्रेस नेताओं पर सनसनी फैलाने और झूठी अफवाहें गढ़ने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा: “अपनी राजनीतिक चमक बढ़ाने के लिए कांग्रेस नेता हर समय झूठी कहानियाँ बनाते हैं।” “कांग्रेस की पीसीसी में ‘डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट’ काम कर रहा है जो हर संस्था को बदनाम करने की कोशिश करता है।”
यह कहते हुए उन्होंने तंज कसा, “करमचंद बनने की कोशिश करना ठीक नहीं है।“
फिलहाल इस पूरे बयानबाज़ी के दौर ने मध्यप्रदेश की राजनीति को और गर्मा दिया है।
अब देखना होगा कि कांग्रेस की तरफ से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।

