प्रभात झा : विचार, विचारधारा और व्यक्तित्व की स्मृति में..

प्रभात झा : विचार, विचारधारा और व्यक्तित्व की स्मृति में..

(प्रथम पुण्यतिथि पर विशेष)


“वो सिर्फ राजनेता नहीं, विचारशील कर्मयोगी थे”

आज जब हम भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद रहे स्वर्गीय प्रभात झा जी की प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें स्मरण करते हैं, तो केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक विचारवान लेखक, जनप्रिय पत्रकार, और नैतिकता आधारित राजनीति के प्रतीक व्यक्तित्व को याद करते हैं।


राजनीति में शुचिता और संवेदना का संगम

प्रभात झा जी का राजनीतिक जीवन एक नैतिक मूल्यों और सिद्धांतों से परिपूर्ण यात्रा रही। भाजपा के मध्यप्रदेश प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उन्होंने पार्टी को संगठनात्मक रूप से सशक्त किया और कार्यकर्ताओं में विचारधारात्मक चेतना जगाई। वह केवल संगठन के नेता नहीं थे, बल्कि एक मार्गदर्शक, प्रेरक और विचारशील चिंतक भी थे।

उनकी भाषा में गहराई थी और विचारों में सादगी। चाहे कोई बड़ा मंच हो या सामान्य सभा — उनकी वाणी में संयम, भावनाओं में देशप्रेम और दृष्टिकोण में व्यापकता झलकती थी।


पत्रकारिता से राजनीति तक – एक विचार यात्रा

पत्रकारिता से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले प्रभात झा जी की कलम भी उतनी ही प्रखर थी, जितनी उनकी वाणी। उन्होंने राष्ट्रीय विचारों को आम जन तक पहुंचाया और वैचारिक पत्रकारिता को एक नई दिशा दी।

वे मानते थे कि “राजनीति केवल सत्ता नहीं, समाज को दिशा देने का माध्यम है।” इसी दृष्टिकोण ने उन्हें भाजपा के एक सशक्त विचारनायक के रूप में स्थापित किया।


जनसंपर्क और सरलता के पर्याय

प्रभात जी की लोकप्रियता का आधार उनकी सुलभता, आत्मीयता और सहज व्यवहार था। वे कार्यकर्ताओं के बीच केवल एक वरिष्ठ नेता नहीं, बल्कि सखा, संरक्षक और मार्गदर्शक की तरह रहते थे। उन्होंने प्रदेश में भाजपा संगठन को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ करने का काम किया।

उनकी संवाद शैली में भावनाओं का अपनापन और विचारों की स्पष्टता होती थी, जो उन्हें जनप्रिय बनाती थी।


लेखक, कवि और चिंतक का आयाम

राजनीति और संगठन से इतर प्रभात झा एक संवेदनशील लेखक

 और पत्रकार भी थे। उन्होंने कई सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विषयों पर विचारपूर्ण लेखन किया, जिसमें समाज के प्रति उनकी संवेदना और राष्ट्र के प्रति समर्पण झलकता है।

उनके भाषण और लेखन में राम, गांधी, विवेकानंद और अटल जी जैसे महापुरुषों की प्रेरणा दिखाई देती थी।


प्रभात झा जी भले ही आज हमारे बीच भौतिक रूप से नहीं हैं, लेकिन उनका कार्य, विचार और योगदान आज भी भाजपा कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन का स्रोत बना हुआ है।

उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए हम यह संकल्प लें कि उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए हम राजनीति को सेवा, समर्पण और संस्कार का माध्यम बनाए रखें।


श्रद्धांजलि!
स्वर्गीय प्रभात झा जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र नमन।

✍️ प्रतुल पराशर (वरिष्ठ पत्रकार) 
भोपाल, मध्यप्रदेश
25 जुलाई 2025

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