रांची
झारखंड की राजधानी रांची के निकुंज बिहारी का टैलेंट देखकर आप दांतों तले उंगलियां दबा लेंगे. हम जब भी नारियल खरीदकर घर लाते हैं तो उसको छीलने के बाद उसके खोल को बाहर फेंक देते हैं. लेकिन, निकुंज ऐसा नहीं करते. निकुंज ने इसी फेंके हुए छिलके से ऐसी कलाकारी की जिसे देखकर लोग अब मंत्रमुग्ध हो रहे हैं.
निकुंज नारियल के छिलके से एक से बढ़कर एक डेकोरेटिव आइटम बनाते हैं. वह झूमर से लेकर कटोरी, चम्मच, कप प्लेट तक बनाते हैं. इसके अलावा अगरबत्ती स्टैंड, धूप स्टैंड व डिजाइनर धूप स्टैंड जैसी चीज उन्होंने अपने हाथों से बनाई है. निकुंज बताते है, मैंने कोई ट्रेनिंग नहीं ली, बस हाथ में औजार था, बनाने बैठ गया तो बनता चला गया.
नारियल छीलने की जिम्मेदारी थी मेरी
निकुंज बताते हैं, जब भी घर में नारियल आता था तो उसे छीलने का काम मेरा ही होता था. मैं हमेशा नारियल के छिलके को फेंक देता था. एक दिन मन में आया कि क्यों न इसमें कुछ कलाकारी की जाए. यह इको फ्रेंडली भी है. पर्यावरण के लिए भी अच्छा है, तो इसको उपयोग में लाना चाहिए. ऐसे में एक दिन नारियल के छिलके की कटोरी बनाई. वह इतनी सुंदर बनी कि मेरा मन खुश हो गया.

दिल्ली से मुंबई तक स्टॉल लगाया
फिर मैंने छोटी-छोटी कई चीजें बनाकर रिश्तेदारों और दोस्तों को दीं. वे उसे काफी पसंद करते और उनके घर में जो लोग आते हैं, वह भी पूछते कि यह किसने बनाया. ऐसे ही, लोकप्रियता बढ़ती चली गई. लोगों के ऑर्डर आने लगे. नाबार्ड भी हमें सहयोग करती है. हमें देशभर में मुफ्त स्टॉल लगाने का अवसर मिलता है. दिल्ली से लेकर मुंबई तक हमने हर जगह अपना स्टॉल लगाया. लोगों ने खूब हमारे उत्पाद खरीदे.
सरकार ने किया सम्मानित
आगे बताया, मुझे सरकार की तरफ से कला के क्षेत्र में पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है. आर्ट एंड क्राफ्ट में कई सारे अवार्ड मैंने जीते हैं. इन सब की खासियत ये है कि यह सारा का सारा इको फ्रेंडली प्रोडक्ट है और दिखने में बड़ा यूनिक है. जब तक आप इसे खुद न फोड़ें यह टूटने वाला नहीं है. सबसे अच्छी बात ये कि घर में जो भी आएगा एक बार आपके शोपीस को देखकर हैरान जरूर होगा.
महीने में हो रही इतनी कमाई
उन्होंने बताया, ऐसा नहीं कि मैंने कोई स्पेशल चीज की. बस एक-दो औजार हाथ में लेता हूं, एक कटोरी लेता हूं और शुरू हो जाता हूं. नारियल छिलके से एक कटोरी या चम्मच बनाने में करीब एक घंटे का समय लगता है. आज आलम ये है कि महीने में आराम से 20 से 30,000 की कमाई हो जाती है. सरकार की तरफ से भी गिफ्टिंग के लिए आर्डर आते हैं.

