ईरान के साथ सैन्य टकराव पर बोले डोनाल्ड ट्रंप : यह युद्ध नहीं, मामूली संघर्ष, नतांज के पास कलांग पर्वत पर नए हमले की दी चेतावनी

ईरान के साथ सैन्य टकराव पर बोले डोनाल्ड ट्रंप : यह युद्ध नहीं, मामूली संघर्ष, नतांज के पास कलांग पर्वत पर नए हमले की दी चेतावनी

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सैन्य तनातनी को लेकर बड़ा बयान देते हुए इसे पूर्णकालिक युद्ध मानने से इनकार किया है। शुक्रवार को पत्रकारों से मुखातिब होते हुए ट्रंप ने ईरान के साथ जारी टकराव को अमेरिका के लिए ‘बहुत मामूली बात’ करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने कड़े तेवर दिखाते हुए चेतावनी दी कि अमेरिकी सेना बहुत जल्द ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र के निकट स्थित रणनीतिक रूप से सुरक्षित ‘माउंट कलांग’ (कलांग पर्वत) पर बड़ा हमला कर सकती है। माउंट कलांग निशाने पर: नतांज के पास सुरंगों से बना सुरक्षित किला राष्ट्रपति ट्रंप ने सीधे तौर पर संकेत दिया कि आने वाले दिनों में अमेरिकी कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है:
सुरंगों से लैस सुरक्षित ठिकाना: ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जल्द ही कलांग पर्वत को निशाना बना सकता है। माउंट कलांग ईरान के प्रमुख नतांज यूरेनियम संवर्धन संयंत्र के बेहद करीब स्थित एक अत्यधिक सुरक्षित और किलेबंद सैन्य इलाका है, जिसमें जमीन के भीतर गहरी सुरंगें मौजूद हैं।
रणनीतिक महत्व: रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस ठिकाने का इस्तेमाल कथित तौर पर संवेदनशील परमाणु व मिसाइल गतिविधियों और भूमिगत कमांड सेंटरों के रूप में किया जाता रहा है।
‘यह कोई बड़ी बात नहीं, मैं इसे सैन्य संघर्ष कहता हूं’: ट्रंप
ईरान के साथ चल रही सैन्य गतिविधियों को लेकर ट्रंप ने अपनी रणनीति का बचाव किया और इसे वियतनाम जैसे ऐतिहासिक युद्धों की तुलना में नगण्य बताया:
संघर्ष को कमतर आंका: ट्रंप ने कहा, “बहुत से लोग इसे युद्ध नहीं कहते। मैं इसे एक सैन्य संघर्ष (मिलिट्री कन्फ्लिक्ट) कहता हूं, क्योंकि यह हमारे लिए बहुत मामूली है। यह कोई बड़ी बात नहीं है।”
कैजुअल्टी के आंकड़ों की तुलना: अपने रुख को सही ठहराते हुए उन्होंने वेनेजुएला और वियतनाम का उदाहरण दिया। ट्रंप ने कहा, “हमने वेनेजुएला में कार्रवाई की और उसे पूरा किया, जहां हमारा एक भी जवान हताहत नहीं हुआ। ईरान के साथ संघर्ष में हमने अब तक 18 लोग खोए हैं, जबकि वियतनाम युद्ध में हमने एक लाख लोग गंवाए थे।”
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान से भी मिले आक्रामक संकेत
राष्ट्रपति ट्रंप से पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी ईरान में महीनों से जारी अमेरिकी सैन्य अभियानों को लेकर इसी तरह का रुख जाहिर किया था।
‘युद्ध नहीं, सैन्य संघर्ष’: वेंस ने स्पष्ट किया था कि वाशिंगटन इसे एक पारंपरिक युद्ध की श्रेणी में नहीं रखता।
प्रशासन की नीति: दोनों शीर्ष नेताओं के बयानों से साफ है कि व्हाइट हाउस ईरान पर लगातार सैन्य दबाव बनाए रखने और चुनिंदा लक्ष्यों पर सटीक हमले करने की नीति को अपनी विदेश नीति का नियमित हिस्सा मानकर चल रहा है, जिससे मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) में तनाव और अधिक गहराने के आसार हैं।

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