शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की वकालत की

शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की वकालत की

सतना। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को सतना पहुंचे। इस दौरान उन्‍होंने सतना में आयोजित कार्यक्रम में वन नेशन-वन इलेक्शन पर भी अपनी बात रखी। उन्‍होंने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की वकालत की।

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव देश के विकास में सबसे बड़ी बाधा हैं। चुनावों के कारण आचार संहिता लगती है, विकास कार्य ठप हो जाते हैं, अनावश्यक पैसा खर्च होता है और पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। देश के विकास के लिए दूरगामी निर्णय नहीं हो पाते। चुनाव जीतने के लिए कई बार ऐसी घोषणाएं की जाती हैं जो कि व्‍यावहारिक नहीं होती हैं। उन्होंने संविधान में संशोधन कर लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की वकालत की।

इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है। कृषि उपकरणों पर जीएसटी कम किए जाने को उन्होंने क्रांतिकारी फैसला बताया।

केंद्रीय मंत्री ने सतना में खाद की बढ़ी मांग पर भी कहा कि बारिश अच्छी होने और धान की बोवनी बढ़ने से यूरिया की जरूरत ज्यादा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। अभी सतना जिले में 1500 मीट्रिक टन खाद की रैक पहुंच चुकी है और जरूरत के अनुसार आपूर्ति बढ़ाई जाएगी। इस बार बारिश अच्‍छी हुई है। किसानों की जरूरतों को ध्‍यान में रखते हुए समस्‍याओं का समाधान किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं और साथियों के घर जाकर शोक संवेदना प्रकट की। उन्‍होंने बताया कि मेरे साथ सुरक्षा में रहने वाले साथी के बेटे का 15 साल की उम्र में देहांत हो गया था। उन्होंने कहा कि “जो साथी और कार्यकर्ता बिछड़ गए हैं, वे परिवार के सदस्य ही थे, इसलिए उनसे मिलने आया हूं। मेरे मित्र का स्‍वर्गवास हो गया था, उनके घर संवेदना प्रकट करने गया।

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