भोपाल/नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार पर उज्जैन में बड़े पैमाने पर ‘हितों के टकराव’ (Conflict of Interest) और जमीन घोटाले का आरोप लगाया है. कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा-आरएसएस के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। वहीं, भोपाल में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य और पूर्व विधायक प्रवीण पाठक ने एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस पूरे मामले का खुलासा किया और प्रदेशव्यापी आंदोलन का एलान किया है. क्या हैं कांग्रेस के मुख्य आरोप? प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह मामला मध्य प्रदेश के इतिहास के सबसे गंभीर भूमि घोटालों में से एक है। आरोप है कि जब डॉ. मोहन यादव 2021 में मंत्री बने और उसके बाद 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री बने, तो सरकारी मास्टर प्लान, सड़क परियोजनाओं और विकास योजनाओं की गोपनीय जानकारी का उपयोग निजी लाभ के लिए किया गया। मुख्यमंत्री, उनके परिवार और करीबियों ने उन क्षेत्रों में भारी मात्रा में जमीनें खरीदीं जहाँ से प्रमुख हाईवे और कॉरिडोर निकलने वाले थे।
जमीन खरीद का गणित (रिपोर्ट के अनुसार) : 2021 से 2025 के बीच खरीद: मुख्यमंत्री के परिवार और निकट रिश्तेदारों ने उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में 194 प्लॉट खरीदे।
कुल रकबा और मूल्य: लगभग 253 एकड़ भूमि खरीदी गई, जिसकी अनुमानित खरीद कीमत करीब ₹75 करोड़ बताई गई है।
कुल भूमि स्वामित्व: वर्तमान में परिवार और रिश्तेदारों के पास कुल 245 प्लॉट और 335 एकड़ भूमि रिपोर्ट में दर्शाई गई है।
किसके पास कितनी जमीन (एकड़ में) : निलेश यादव (कजिन) – 108 एकड़, गोविंद यादव (कजिन) – 47 एकड़, मोहन यादव (मुख्यमंत्री) – 17 एकड़, वैभव यादव (पुत्र) – 17 एकड़, नारायण यादव (भाई) – 19 एकड़, नंदलाल यादव (भाई) – 17 एकड़, कलावती (बहन) – 17 एकड़।
अन्य रिश्तेदारों और बहु-साली के नाम भी कुल 43 एकड़ से अधिक जमीन दर्ज है।
रडार पर चार रियल एस्टेट कंपनियां और सरकारी प्रोजेक्ट्स
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस खेल में चार प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों का इस्तेमाल किया गया, जो मुख्यमंत्री के परिवार और करीबियों से सीधे जुड़ी हैं:
Siddhivinayak Devcons : इसमें सीमा यादव और मोहन यादव की मुख्य हिस्सेदारी है।
Shree Shivdayini Buildcon : मुख्यमंत्री की पत्नी सीमा यादव और पुत्र वैभव यादव इससे जुड़े हैं।
Shree Annapurna Construction : मुख्यमंत्री की बहन कलावती और भाभी सुनीता से संबद्ध है।
Sreyam Developers : रिश्तेदार गोविंद यादव और अनिलेश/निलेश यादव से जुड़ी है।
प्रभावित विकास परियोजनाएं : रिपोर्ट के अनुसार, इन जमीनों की लोकेशन उज्जैन-बदनावर रोड (चौड़ीकरण), उज्जैन-इंदौर रोड (विस्तार), उज्जैन-झालावाड़ फोर लेन, उज्जैन-नागदा रोड, उज्जैन-देवास रोड और गरोठ ग्रीनफील्ड कॉरिडोर जैसी बड़ी सरकारी घोषणाओं के ठीक आसपास है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें : सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराई जाए। ED, आयकर विभाग और लोकायुक्त के जरिए पूरे मामले की जांच हो। निष्पक्ष जांच पूरी होने तक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने पद से इस्तीफा दें।
मास्टर प्लान और सड़क परियोजनाओं से जुड़े सभी निर्णयों को सार्वजनिक किया जाए।
15 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास का घेराव, प्रदेशव्यापी आंदोलन का एलान
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में पार्टी ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है:
मौन सत्याग्रह : पार्टी ने 1 जुलाई से ही 3 दिवसीय ‘मौन सत्याग्रह’ शुरू कर दिया है, जिसके तहत कांग्रेस का कोई भी अधिकृत नेता टीवी डिबेट में भाग नहीं ले रहा है।
ऑनलाइन पोर्टल : नागरिकों के लिए एक गोपनीय ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा जहाँ भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें दर्ज हो सकेंगी।
महाआंदोलन : आगामी 15 जुलाई 2026 को कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास का बड़ा घेराव करेंगे।
सदन से सड़क तक : विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक दल सरकार से जवाब मांगेगा। इसके साथ ही राज्यपाल से मिलकर इस्तीफे की मांग की जाएगी और बात न बनने पर उज्जैन से भोपाल तक जन-जागरण यात्रा निकाली जाएगी।
- July 6, 2026
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